भारत के कॉर्पोरेट जगत में एक नया इतिहास रचते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली इस कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 95,610 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है। इसके साथ ही रिलायंस $10 बिलियन (करीब ₹84,000 करोड़) से ज्यादा सालाना मुनाफा कमाने वाली देश की पहली कंपनी बन गई है। रिलायंस का यह प्रदर्शन पिछले साल के मुकाबले काफी बेहतर रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का मुनाफा 80,787 करोड़ रुपये था, जो इस साल बढ़कर 95,610 करोड़ रुपये हो गया। यानी कंपनी ने 18% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की है।
तिमाही में थोड़ी कमजोरी
हालांकि, मार्च 2026 तिमाही में कंपनी के मुनाफे में थोड़ी गिरावट देखने को मिली। चौथी तिमाही में रिलायंस का नेट प्रॉफिट 16,971 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के 19,407 करोड़ रुपये से कम है। इसकी मुख्य वजह ऑयल-टू-केमिकल्स कारोबार में कमजोरी और बढ़ती लागत बताई जा रही है। इसके अलावा, रिलायंस ने पूरे साल में रिकॉर्ड तोड़ रेवेन्यू भी दर्ज किया है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का कुल रेवेन्यू बढ़कर 11,75,919 करोड़ रुपये हो गया, जो अब तक का सबसे ज्यादा है। वहीं EBITDA भी 2,07,911 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
जियो और रिटेल ने संभाली कमान
कंपनी के कंज्यूमर बिजनेस ने इस ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई है। जियो प्लेटफॉर्म्स ने शानदार प्रदर्शन किया, जबकि रिलायंस रिटेल ने 20,000 स्टोर्स का आंकड़ा पार कर लिया है। इन सेक्टर्स ने कंपनी की कमाई को मजबूत बनाए रखा। मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में भी रिलायंस अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे है। कंपनी का बाजार मूल्य 18 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है, जबकि एचडीएफसी बैंक और एसबीआई जैसे बड़े नाम अभी इस मुकाम से काफी पीछे हैं।